Friday, December 11, 2015

राम लला हम आएंगे, गली गली बौराएंगे

राम लला हम आएंगे
गली गली बौराएंगे
हग हग गंद मचाएंगे
नंग धड़ंग चि‍ल्‍लाएंगे
मंदि‍र वहीं बनाएंगे।

मलबा होगा चारों ओर
बलवा होगा चारों ओर
इंसा काटे जाएंगे
काट काट के गाएंगे
मंदि‍र वहीं बनाएंगे।

जब होगा काला अंधेरा
छोड़ेंगे हम अपना डेरा
घर घर आग लगाएंगे
खून से ही हम नहाएंगे
मंदि‍र वहीं बनाएंगे।

सरयू होगी लालो लाल
लूटपाट के सारा माल
फि‍र फि‍र वापस जाएंगे
लौटके फि‍र फि‍र आएंगे
मंदि‍र वहीं बनाएंगे।

-हाल-ए-अयोध्‍या

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