Thursday, February 12, 2015

नतमस्‍तक मोदक की नाजायज औलादें (30)

प्रश्‍न: दिल्‍ली में तीन सवारी पर तुरंत चालान होता है..
उत्‍तर: क्‍या मतलब बेटी**** ??
प्रश्‍न: मतलब कुछ नहीं, बस ऐसे ही बताया..
उत्‍तर: नहीं भो*** के, तुमने जरूर कोई उल्‍टी बात की है
प्रश्‍न: कुछ नहीं। अब आप क्‍या करेंगे?
उत्‍तर: सांडे का तेल बेचेंगे बे, तुमसे मतलब??
प्रश्‍न: मेरा मतलब है, दि‍ल्‍ली में तो आपकी सरकार नहीं बन पाई?
उत्‍तर: अभी देखना। जब दि‍ल्‍ली वालों की गां*** फटेगी, तब मजा आएगा
प्रश्‍न: वो कैसे?
उत्‍तर: साला देशद्रोही है ये केजरीवाल
प्रश्‍न: पर वो तो महात्‍मा गांधी की बात करते हैं?
उत्‍तर: कहां से लाए दो करोड़ के गांधी?
प्रश्‍न: मुझे क्‍या पता, आप बताइये?
उत्‍तर: सब आईएसआई से आया
प्रश्‍न: मतलब?
उत्‍तर: पाकिस्‍तान ने साजि‍श की है
प्रश्‍न: कैसी साजि‍श?
उत्‍तर: पाकि‍स्‍तान देश तोड़ना चाहता है
प्रश्‍न: तो इसलि‍ए केजरीवाल जीते हैं?
उत्‍तर: पर हम ऐसा होने नहीं देंगे
प्रश्‍न: पर अब तो जीत गए?
उत्‍तर: हम उनकी गां*** तोड़के हाथ में दे देंगे
प्रश्‍न: कि‍सकी, केजरीवाल की?
उत्‍तर: जि‍तने देशद्रोही हैं, सबकी
प्रश्‍न: और देशद्रोही कि‍तने हैं?
उत्‍तर: हमको पता है, पेशी में तुम कैसे पेले गए
प्रश्‍न: अच्‍छा, यही बता दीजि‍ए कि देशद्रोही कौन हैं?
उत्‍तर: जि‍तने कटुए हैं, सब साले देशद्रोही हैं
प्रश्‍न: पर केजरीवाल ने तो बुखारी को मना कर दि‍या था?
उत्‍तर: बाहर से
प्रश्‍न: क्‍या बाहर से?
उत्‍तर: अब इतने भी अनजान न बनो
प्रश्‍न: मतलब छुपकर समर्थन लि‍या?
उत्‍तर: दो करोड़ कहां से आए?
प्रश्‍न: आपकी पार्टी को कि‍तना चंदा मि‍ला?
उत्‍तर: हम कोई भूखे नंगे नहीं उसकी तरह
प्रश्‍न: मतलब?
उत्‍तर: हिंदू राष्‍ट्र है, हर हिंदू ने रुपया दि‍या
प्रश्‍न: भीख दी?
उत्‍तर: तुम्‍हारी गां*** अबकी पक्‍का टूटेगी
प्रश्‍न: चंदा भी नहीं, भीख भी नहीं, तो फि‍र आखि‍र क्‍या दि‍या?
उत्‍तर:..... 
प्रश्‍न: कि‍रण बेदी...?
उत्‍तर: ऐसा है भो**** के, अब नि‍कल लो बहुत तेज
प्रश्‍न: पर कि‍रण...?
उत्‍तर: पतली गली पकड़ रहे हो या लगाएं गां*** पे लात?

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