Sunday, February 1, 2015

नतमस्‍तक मोदक की नाजायज औलादें (29)

प्रश्‍न- बीटिंग रीट्रीट देखी?
उत्‍तर- तुम्‍हारी तरह राष्‍ट्रदोही थोड़े हैं बे
प्रश्‍न- आपके नमो तो सुर्रा बॉल पे आउट हो गए?
उत्‍तर- ....
प्रश्‍न- बताइये ना, दोबारा क्‍यों सलामी ली?
उत्‍तर- भो**** के, जब सेना सलामी देगी तो सलामी नहीं लेंगे तो का झां*** लेंगे?
प्रश्‍न- पर सेना तो राष्‍ट्रपति को सलामी दे रही थी?
उत्‍तर- तुम्‍हरी गां*** का दर्द कैसा है अब?
प्रश्‍न- पूरा देश हंस रहा है?
उत्‍तर- राष्‍ट्रद्रोही हंस रहे है
प्रश्‍न- राष्‍ट्रप्रेमी भी हंस रहे हैं?
उत्‍तर- स्‍टालि‍न की नाजायज औलादें होंगी मा**** 
प्रश्‍न- कि‍रण बेदी... ?
उत्‍तर- सुन भो**** के। बत्‍तमीजी तो करना मत हमारे साथ
प्रश्‍न- पर कि‍रण बेदी कोई बत्‍तमीजी नहीं, समझदार महि‍ला हैं?
उत्‍तर- बीटिंग रीट्रीट पे बात कर रहे थे ना, वही करो
प्रश्‍न- उपराष्‍ट्रपति ने बीटिंग रीट्रीट में भी सलामी नहीं ली?
उत्‍तर- चलो भो*** के, कि‍रण बेदी पे ही बात कर लो
प्रश्‍न- दि‍ल्‍ली से कि‍रण बेदी जीत रही हैं?
उत्‍तर- दि‍ल्‍ली से हमारी पार्टी जीत रही है बस
प्रश्‍न- कि‍रण बेदी का कहना है कि छोटे मोटे रेप को तूल देना ठीक नहीं?
उत्‍तर- क्‍या बड़ी बात कही है। सीखो भो*** के तुम लोग
प्रश्‍न- सर्वे बता रहे हैं कि आपकी पार्टी हार रही है?
उत्‍तर- तुम सब साले बि‍के हुए हो
प्रश्‍न- कि‍रण बेदी पर आपकी 'माल' और 'हाए' नहीं नि‍कली?
उत्‍तर- तुम्‍हरा लौंडा तो हार्डवेयर की दुकान से एकदम सही नट नि‍काल के देता है
प्रश्‍न- वो इंटरव्‍यू छोड़ छोड़कर भाग रही हैं?
उत्‍तर- ई बताओ कि पानी लोगे या सोडा?
प्रश्‍न- पानी
उत्‍तर- रहे न भो*** के गंवार के गंवार।
प्रश्‍न- मुझे दि‍ल्‍ली में आपको स्‍पष्‍ट बहुमत मि‍लता नहीं दि‍ख रहा?
उत्‍तर- पहली बार मन की बात बोले
प्रश्‍न- मतलब?
उत्‍तर- आप नहीं जीतने वाली
प्रश्‍न- मैं आम आदमी पार्टी की नहीं, आपकी बात कर रहा हूं?
उत्‍तर- तुम तो भो*** के ये भी कह रहे थे कि नमो नहीं जीतेंगे
प्रश्‍न- 30 फीसद वोटों का प्रधानमंत्री है वो?
उत्‍तर- सुलग रही है ना बेटी****। अब तो 2021 तक हम हैं
प्रश्‍न- अगला चुनाव आप नहीं जीतने वाले?
उत्‍तर- अपने लौंडे से कब मि‍ले आखि‍री बार?
प्रश्‍न- नई सरकार पुरानी सरकार से कहीं ज्‍यादा तेजी से देश बेच रही है?
उत्‍तर- अबे बेचेंगे नहीं तो इनकम कैसे होगी?
प्रश्‍न- कंपनि‍यों को हजारों करोड़ की छूट दे रही है?
उत्‍तर- तुम आओ अबकी, हम कुछ कंप्रोमाइज की कोशि‍श करते हैं
प्रश्‍न- सवाल का जवाब दीजि‍ए?
उत्‍तर- क्‍या सवाल कि‍या तुमने?
प्रश्‍न- कंपनि‍यों को हजारों करोड़ की छूट दे रही है?
उत्‍तर- अब देखो भो*** के, हर सरकार अपनी तरह वि‍कास करती है
प्रश्‍न- ये आपकी सरकार का वि‍कास है?
उत्‍तर- तुम्‍हारी लैफ की तरह बकवास नहीं है बेटी*** 
प्रश्‍न- स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं से हजारों करोड़ की कटौती कर दी?
उत्‍तर- तो का तुम चाहते हो कि डॉक्‍टरै भुक्‍खे मरें?
प्रश्‍न- नहीं, पर गरीब तो मर जाएगा?
उत्‍तर- सौ में से एक गरीब भूख से मरता है
प्रश्‍न- स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं नहीं मि‍लेंगी तो सौ में से 70 मरेंगे?
उत्‍तर- हमरे लं*** से मरें बे। बहुत बड़ा देस है
प्रश्‍न- हजारों कि‍सानों ने आत्‍महत्‍या कर ली?
उत्‍तर- चूति‍ये हैं साले
प्रश्‍न- वो कैसे?
उत्‍तर- खेती का लि‍ए गां*** में दम चाहि‍ए होता है। पसीना छोड़ाना पड़ता है गां** से।
प्रश्‍न- वो कर्ज के बोझ से मरे?
उत्‍तर- तो काहे लि‍ए कर्ज, तुम्‍हरे मामा पर्चा पर लि‍ख के दि‍ए रहे का?
प्रश्‍न- आप इंसान की मौत पर इतने क्रूर कैसे हो सकते हैं?
उत्‍तर- तुम अपनी गां** का दर्द का बात कहो, तूड़े थे जबसे, कुछ कम हुआ या नहीं?
प्रश्‍न- पैग बनाइये आप?
उत्‍तर- बना के रखे हैं भो*** के। तुमको बक**** से टैम मि‍ले तब ना
प्रश्‍न- चि‍यर्स
उत्‍तर- मन तो नहीं है बेटी*** तुम्‍हरे साथ चि‍यर्स करने का, मुला ठीक है... चि‍यर्स।

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