Sunday, December 1, 2013

बि‍जली उत्‍पादन तो सीख लि‍या, उसे काटना अभी नहीं सीख पाए

नॉर्वे के टेलमार्क के दोल्‍वा गांव में मेरा मकान (बायें दूर सफेद वाला)। दाहि‍ने हाथ खर पतवार और भूगर्भ वि‍ज्ञानी डा.भारत सिंह का मकान (कार वाला)।

दाहि‍ने हाथ ही दूर से नजर आता पानी व पहाड़ पत्‍थर वि‍ज्ञानी डा.अर्चना का मकान (हलका पीला वाला)। हमारा खच्‍चर रोज रोज भाग जाता है तो खोजकर लाना पड़ता है।

पि‍छले साल ही हमने भेड़ों के लि‍ए बाड़ा लगाया। दि‍न में लाइट इसलि‍ए जल रही है कि हमने बि‍जली उत्‍पादन तो सीख लि‍या, उसे काटना अभी नहीं सीख पाए। बि‍जली हमारे पास इफरात है, अमेरि‍का ने कोशि‍श की थी पर हम समाजवादी देशों को ही बि‍जली निर्यात करना चाहते हैं।
फोटो- Dr. Archana लाइट्स- Dr. Bharat

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