Wednesday, December 12, 2018

एक रात की बेबात

रोज की तरह रात आ तो गई
लेकिन रोज की तरह गई नहीं
रात जमकर बवाल काटा
सालों पुरानी प्रेमिका से भिड़ा
दाहिने गई तो दाहिने जाने पर चिल्लाया
बाएं गई तो बाएं जाने पर भी
चुप रही तो चुप्पी पर भड़का
बोली तो बोलने पर तड़का
दो सेकेंड में ब्रेकप करके दो घंटे बकवास की
फिर ठंड लगी
कंबल ओढ़ा, टोपी पहनी
और चला आया
उससे भी पुरानी प्रेमिका के पास
हर बार की तरह फिर से उसे
मीठा सा एक प्रपोज मारा
प्रेमिका मुदित हुई
उसकी आंखों से गरमी निकली
मैं तर हुआ
और तुरंत हस्तमैथुन करके
खुद को शांत किया
पुरानी प्रेमिका की तस्वीर बगल रखी
और तकिये से सटकर सो गया।
सुबह उठा
पैताने पर पहुंची तकिया सिराहने रखी
पहले पुरानी प्रेमिका की तस्वीर देखी
फिर लैपी पर एक्सवीडियोज लगाया
खुरचकर कमरे की दीवार पर एक निशान बनाया
और फ्रेश होकर हाथ धुलकर
फिर एक बार हस्तमैथुन किया
फिर भी ट्रैफिक की लाल बत्ती पर
सिर पर सवार थी पुरानी लाश
और पीछे सीना सटाकर बैठी रही
उससे भी पुरानी तकिया
कार वाले बूढ़े को गालियां दीं
भीख मांगने वाली बच्ची को भी
रिक्शे वाले को डांटा
फ्लाईओवर पर चलती ठंडी हवा को कोसा
तीन बार स्कूटी से गिरते गिरते बचा
कई बार पैदल चलते हुए लड़खड़ाया
भूख नहीं लगी, फिर भी जबरदस्ती
दो समोसे दो बाटी कोक के साथ गटके
दो डिब्बी सिगरेट फूंक गया
और धुंए में उड़ा दिया ब्रेकप के बाद याद आता रेशम
पी गया अपना सारा पानी
एक व्यंग लिखा, सामने बैठने वाली स्त्री की बुराई की
चिल्लाने वाले कर्मचारी पर पहली बार चिल्लाया
और पूरी कर दी नौकरी
रास्ते की सारी लाल बत्तियां तोड़ीं
और घर वापस आया
रात फिर से शुरू थी
और एक्सवीडियोज भी
तीन बजे रात तक चैट की हरी बत्ती जलाए रखी
मगर वो सोती रही
फिर फोन में सबको ब्लॉक मारा, उसे भी
नट्टी तक भरकर पी शराब
फेफड़ों में भरा ढेर सारा धुंआ
और तय किया कि
अब बाल कलर करा ही लूंगा,
बस बहुत हुआ।


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