Tuesday, August 19, 2014

बेटा, गाली दे

बेटा 
गाली दे 
काली काली दे 
गालों को लाली दे 
बेटा 
गाली दे 

सारी दुनि‍या दि‍ल्‍ली ठैरी 
बेशर्मी की इल्‍ली ठैरी 
जलती सुर्ख कुबातों से 
मां की आंख सवाली दे 
बेटा 
गाली दे 

पटक मजूर मार दे लड़की 
तेरे कि‍ए से जनता भड़की 
मरते जलते इस गांव को 
लंपट एक मवाली दे 
बेटा 
गाली दे 

लाल कमाल पे मार दे अंडा 
भगवा ओढ़ लगा ले बंटा 
और नशे में करके वार 
जहरीले फूलों का माली दे 
बेटा 
गाली दे

रोली चंदन की लगा दुकान 
ति‍लक त्रि‍शूल को बता महान 
ठोंक के ताल ले ले जान 
टोपी वे ठप्‍पा जाली दे 
बेटा 
गाली दे 

गोंज गोंज के बना दे गाजा 
गि‍रा दे बम औ पी जा माजा 
देख पराई पेप्‍सी 
धर ताली पे ताली दे 
बेटा 
गाली दे 

छेड़ दे लड़की करा दे दंगा 
फाड़ दे कपड़ा, कर दे नंगा 
देश गांव को कर भि‍खमंगा 
कट्टा हाथ भुजाली दे 
बेटा 
गाली दे 

हिंदुस्‍तान की फाड़ के लुंगी 
पहन ले साफा बन जा संघी
कलम हो काफि‍र बनके जंगी 
खून सून की लाली दे 
बेटा 
गाली दे

बना धरम का जाली नोट 
फोड़ दे बम औ डाल दे वोट 
गंगा सीना यमुना चोट 
बनाके इनको नाली दे 
बेटा 
गाली दे 

(फेसबुक पर समय की वॉल से साभार)

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