Friday, November 28, 2014

नतमस्‍तक मोदक की नाजायज औलादें (6)

प्रश्‍न- ति‍लक क्‍यों लगाते हैं?
उत्‍तर- हरामी मुल्‍लों से पूछो कि टोपी क्‍यूं लगाते हैं?
प्रश्‍न- क्‍या कि‍सी से बदला लेने के लि‍ए ति‍लक लगाते हैं?
उत्‍तर- ये हमारी पहचान है। हम असली राष्‍ट्रभक्‍त हैं। भारत माता की पूजा करते हैं।
प्रश्‍न- क्‍या रोज ति‍लक लगाते हैं?
उत्‍तर- जी हां, और मंगल शनि‍वार को मंदि‍र जाकर लगा कर आते हैं। मोटी हलवाइन उस दि‍न पेड़ा बड़ा जानदार बनाती है। उसकी लड़की को देखे हो कि नहीं कभी-कभी नि‍कलती है।
प्रश्‍न- क्‍या खुद भी ति‍लक लगाते हैं या पंडि‍त से ही लगवाते हैं?
उत्‍तर- रोज हमारी वाइफ हमको रोली चावल का टीका लगाकर ही घर से बाहर जाने देती हैं।
प्रश्‍न- ति‍लक लगाने के बाद आपको अपने अंदर क्‍या फील होता है?
उत्‍तर- हिंदू तन मन हिंदू जीवन, मुल्‍लों की मां **** देंगे।
प्रश्‍न- ति‍लक लगाने का कोई वैज्ञानि‍क कारण भी है क्‍या?
उत्‍तर- हां, इसे माथे पर एकदम बीच में लगाते हैं तो वो ज्‍योती बनकर नीचे तक जाता है
प्रश्‍न- नीचे कहां तक?
उत्‍तर- अरे नीचे, जहां हम सबका पुरुषत्‍व होता है
प्रश्‍न- आपके कहने का मतलब है कि ति‍लक लगाने से आपका पुरुषत्‍व जागता है?
उत्‍तर- बि‍लकुल। इसीलि‍ए कहीं भीड़ भड़क्‍का करने से पहले भी हम ति‍लक ही लगाते हैं।
प्रश्‍न- यानि कि जो ति‍लक नहीं लगाते, वो पुरुष नहीं होते?
उत्‍तर- वो साले मुल्‍ले होते हैं। ये वीरों की धरती है, यहां वही रहेगा जो वीर पुरुष होगा।
प्रश्‍न- भगवान बुद्ध भी तो ति‍लक नहीं लगाते थे, पर वो तो महापुरुष थे?
उत्‍तर- अबे कोई इस चूति‍ये को समझाओ। तुमको इतना भी नहीं पता कि वो शंकर के औतार थे। उनकी तीसरी आंख थी।
प्रश्‍न- क्‍या आपका लड़का ति‍लक लगाता है?
उत्‍तर- वो अभी स्‍कूल जाता है। कानवेंट वाले लगाने नहीं देते।
प्रश्‍न- क्‍या आपके पि‍ता ति‍लक लगाते हैं?
उत्‍तर- वो तो घर पर पड़े रहते हैं, उनको ति‍लक लगाने की क्‍या जरूरत?
प्रश्‍न- क्‍या आप...?
उत्‍तर- तुम भो**** के जरूर उस ह***** मायावती के ऐजेंट हो जो ति‍लक के पीछे पड़े हो।
प्रश्‍न- ति‍लक का मायावती से क्‍या मतलब?
उत्‍तर- उसी ने तो नारा दि‍या था
प्रश्‍न- पर आप भी तो ओबीसी हैं?
उत्‍तर- उससे क्‍या हुआ। भगवान का नाम लेते हैं, उनको इज्‍जत देते हैं।
प्रश्‍न- जागे हुए पुरुषत्‍व के बाद आप क्‍या क्‍या करते हैं?
उत्‍तर- तुम्‍हारी गां**** मारते हैं हरामी साले। भाग यहां से अब

Thursday, November 27, 2014

नतमस्‍तक मोदक की नाजायज औलादें (5)

प्रश्‍न- आप गाय की पूजा करते हैं?
उत्‍तर- इसमें पूछने वाली कौन सी बात है, जो भी असली हिंदुस्‍तानी होगा, गाय की पूजा जरूर करेगा।
प्रश्‍न- गाय की पूजा क्‍यों करते हैं?
उत्‍तर- हिंदू धर्म हमें गाय की पूजा करना सि‍खाता है। गाय पर तो पूरा एक वेद लि‍खा गया है।
प्रश्‍न- कैसे पूजा करते हैं, मतलब पूजन वि‍धि क्‍या है?
उत्‍तर- हम गाय को ति‍लक लगाकर हाथ जोड़कर माला पहनाते हैं।
प्रश्‍न- क्‍या हर गाय के साथ ऐसा करते हैं?
उत्‍तर- पागल हो क्‍या, शहर में 70 गायें हैं, कुछ तो अक्‍ल वाला सवाल पूछ लो, या जबसे तुम्‍हारी बीवी भागी है, तुम्‍हारी अक्‍ल भी भाग गई है
प्रश्‍न- क्‍या आप रोजाना गाय का दूध प्रयोग करते हैं?
उत्‍तर- डेरी वाले जो देते हैं, वही तो यूज करेंगे। अलग से गाय तो पालने जाएंगे नहीं।
प्रश्‍न- गाय की रक्षा के लि‍ए आप क्‍या करते हैं?
उत्‍तर- हम गाय की रक्षा के लि‍ए मुल्‍लों के इलाके में जाकर आंदोलन करते हैं। वही हमारी गाय काटते हैं।
प्रश्‍न- रामपुर में सबसे बड़ा बूचड़खाना कि‍सी ब्राह्म्‍ण का है और वहां पर सबसे ज्‍यादा गोवंश काटे जाते हैं, इसपर आपके क्‍या वि‍चार हैं?
उत्‍तर- ये सब उन मा******** हरामी स्‍टालि‍न की नाजायज औलादों का फैलाया भ्रमजाल है। एक ब्राह्म्‍ण कभी गोहत्‍या नहीं कर सकता।
प्रश्‍न- बूढ़ी गायों का आप क्‍या करते हैं?
उत्‍तर- तुम्‍हारी गां** में डाल देते हैं चूति‍ये। चूति‍यापे का सवाल क्‍यूं पूछ रहा है
प्रश्‍न- वेदों और कई प्राचीन ग्रंथों में लि‍खा है कि ब्राह्म्‍ण गोमांस खाते थे, इसके बारे में कुछ कहना है?
उत्‍तर- लाओ दि‍खाओ कि‍न वेदों में लि‍खा है। अभी लपेट के तुम्‍हारी गां*** में डाल देते हैं।
प्रश्‍न- क्‍या आप हर चीज को ऐसे ही गां*** में डाल देते हैं?
उत्‍तर- ...........
प्रश्‍न- आवारा गायों के लि‍ए भी क्‍या आपलोग कुछ करते हैं?
उत्‍तर- उनके लि‍ए कांजी हाउस है, हम पकड़कर वहां दे देते हैं।
प्रश्‍न- पर वहां तो सुना है कि उन्‍हें खाने को नहीं मि‍लता, क्‍या ये सही है?
उत्‍तर- ..........
प्रश्‍न- गाय के लि‍....
उत्‍तर- अब भों***** के तुम्‍हें कोई काम धाम नहीं है क्‍या, गाय के अलावा भी बहुत से मुद्दे हैं देश में। उनपर पूछो। चूति‍ये साले गाय गाय कि‍ए पड़े हो।

नतमस्‍तक मोदक की नाजायज औलादें (4)

प्रश्‍न- ये आइटम क्‍या होता है?
उत्‍तर- आइटम सांग होता है, आइटम माल होता है।
प्रश्‍न- ये आइटम माल क्‍या होता है?
उत्‍तर- भो*** के, तेरे घर में मां बहन नहीं है क्‍या?
प्रश्‍न- वो तो हैं, पर माल के बारे में कुछ बता रहे थे आप?
उत्‍तर- माल तो वो होता है (दांत दि‍खाते हुए) वो देखि‍ए वो जा रहा है, गुलाबी दुपट्टे में
प्रश्‍न- कैसे तय करते हैं कि कोई लड़की माल है?
उत्‍तर- हम पहले दुकान देखते हैं, फि‍र मकान। उसके बाद ही उसकी कीमत तय करते हैं
प्रश्‍न- ये दुकान और मकान क्‍या है?
उत्‍तर- तुम एकदम चू*** ही हो क्‍या।
प्रश्‍न- फि‍र भी?
उत्‍तर- दुकान मतलब आगे और मकान मतलब पीछे
प्रश्‍न- प्रेम के बारे में आपके क्‍या वि‍चार हैं?
उत्‍तर- हम इन सब चूति‍यापों से दूर रहते हैं। आप भी रहा कीजि‍ए। घर बड़ी शांति से चलेगा।
प्रश्‍न- चुंबन करना चाहि‍ए या नहीं?
उत्‍तर- भारतीय संस्‍कृति में सबकुछ ढंककर होता है। चुंबन में अगर चेहरा ढंका छुपा रहे तो ठीक है, वरना हम इसका वि‍रोध करते हैं।
प्रश्‍न- आपने कभी भाभीजी से प्रेम कि‍या?
उत्‍तर- बि‍लकुल। प्रेम करते हैं तभी तो साल में दो बार घुमाने लेकर जाते हैं
प्रश्‍न- और चुंबन?
उत्‍तर- पि‍छले साल मसूरी में चुंबन लेते हुए सेल्‍फी फेसबुक पर डाली थी।
प्रश्‍न- क्‍या उसमें आपने अपने चेहरे ढंके हुए थे?
उत्‍तर- अरे जब प्रेम करते हैं तो चेहरा ढंकने की क्‍या जरूरत
प्रश्‍न- अभी तो आपने कहा कि आप प्रेम से दूर रहते हैं?
उत्‍तर- हां, तभी तो सीधे रात में ही आपकी भाभीजी से मि‍लते हैं।
प्रश्‍न- पि‍छले साल आपपर बलात्‍कार का आरोप लगा था, क्‍या था वो?
उत्‍तर- झूठा आरोप था। वो तो गणेश पागल होकर उल्‍टा सीधा बक दि‍या था, वरना आरोप ही न लगता।
प्रश्‍न- बलात्‍कार कैसे रुकेंगे?
उत्‍तर- हमारी वाइफ या बहन के साथ आज तक कुछ नहीं हुआ। हम उनको घर से बाहर ही नहीं नि‍कलने देते।
प्रश्‍न- पर एक अंग्रेजी अखबार की रि‍पोर्ट है कि 70 फीसद से ज्‍यादा बलात्‍कार की घटनाएं घर में होती हैं, उसपर क्‍या कहेंगे?
उत्‍तर- मा******* हैं अखबार वाले। पूरा मीडि‍या बि‍का हुआ है। ईसाइयों से पैसा लेकर कुसंस्‍कृति फैला रहे हैं।

नतमस्‍तक मोदक की नाजायज औलादें (3)

प्रश्‍न- संस्‍कृत के बारे में आप क्‍या जानते हैं?
उत्‍तर- भारतीय संस्‍कृति दुनि‍या की सबसे पुरानी संस्‍कृति है। ये उतनी ही पुरानी है, जि‍तना हिंदू धर्म है।
प्रश्‍न- सवाल संस्‍कृत भाषा के बारे में है, संस्‍कृति के बारे में नहीं।
उत्‍तर- लगता है तुम्‍हारी गाय दूध कम दे रही है। उसको चोकर वोकर खि‍लाओ और कपि‍ला की जगह कोई दूसरा पशुहार भी दो।
प्रश्‍न- आपको क्‍या लगता है संस्‍कृत भाषा कि‍स युग में शुरू हुई होगी?
उत्‍तर- भगवान राम के युग में
प्रश्‍न- और वो कि‍स युग में थे?
उत्‍तर- तेरी मां की ***। भगवान के बारे में ऐसी बात करता है। अरे भगवान का भी भला कोई युग हुआ है।
प्रश्‍न- क्‍या आपको संस्‍कृत आती है?
उत्‍तर- हां
प्रश्‍न- संस्‍कृत में कोई श्‍लोक सुनाएंगे?
उत्‍तर- नमस्‍ते सदा वत्‍सले। वंदे मातरम।
प्रश्‍न- क्‍या आपको अंग्रेजी आती है?
उत्‍तर- हां।
प्रश्‍न- अंग्रेजी में कोई श्‍लोक सुनाएंगे?
उत्‍तर- बि‍लकुल। जॉनी जॉनी यस पप्‍पा।
प्रश्‍न- क्‍या आपका बच्‍चा संस्‍कृत जानता है?
उत्‍तर- नहीं। हमने उसे कानवेंट में डाला है, पूरे दो लाख डोनेशन देकर।
प्रश्‍न- क्‍या भाभीजी संस्‍कृत जानती हैं?
उत्‍तर- वो रोज सुबह शाम संस्‍कृत में ओम जय जगदीश हरे गाती हैं।
प्रश्‍न- क्‍या संस्‍कृत राष्‍ट्रभाषा है?
उत्‍तर- जि‍स भाषा में हिंदू धर्म है, वही राष्‍ट्रभाषा कहलाने योग्‍य है। इसलि‍ए संस्‍कृत राष्‍ट्रभाषा है।
प्रश्‍न- क्‍या आप दैनि‍क जीवन में संस्‍कृत का प्रयोग करते हैं?
उत्‍तर- तुमको राष्‍ट्र की इज्‍जत का जरा सा भी भान नहीं है क्‍या। पवि‍त्र चीजें हमेशा आलमारी में ऊंचे रखी जाती हैं और रोज उनकी पूजा की जाती है। हम रोज संस्‍कृत की पूजा करते हैं।

नतमस्‍तक मोदक की नाजायज औलादें (2)

प्रश्‍न- क्‍या आप भगत सिंह को जानते हैं?
उत्‍तर- जी हां, भगत सिंह सच्‍चे राष्‍ट्रभक्‍त थे।
प्रश्‍न- भगत सिंह के बचपन के बारे में कुछ जानते हैं?
उत्‍तर- भगत सिंह बचपन से ही वीर थे। बचपन से ही उन्‍होंने दीक्षा ले ली थी।
प्रश्‍न- भगत सिंह कि‍तने भाई बहन थे?
उत्‍तर- भगत सिंह का खाता पीता परि‍वार था। उनके 7 भाई और 5 बहनें थीं।
प्रश्‍न- भगत सिंह के घर के बारे में कोई और जानकारी?
उत्‍तर- भगत सिंह ने आजादी के आंदोलन के लि‍ए अपनी ऐशो आराम की जिंदगी छोड़ दी। उनकी बहुत बड़ी कोठी भी है भागलपुर में।
प्रश्‍न- भगत सिंह ने नास्‍ति‍कता पर लि‍खा है, उसके बारे में आप क्‍या जानते हैं?
उत्‍तर- ये ******* वामपंथि‍यों की साजि‍श है। हम उनकी *** में **** डालकर इस साजि‍श को नाकाम कर देंगे।
प्रश्‍न- भगत सिंह ने बम क्‍यों फोड़ा था?
उत्‍तर- संसद में मुल्‍ले ज्‍यादा हो गए थे, उनको कम करने के लि‍ए।
प्रश्‍न- भगत सिंह को फांसी क्‍यों हुई थी?
उत्‍तर- वो सच्‍चे हिंदू थे, उन्‍होंने सि‍ख धर्म छोड़कर हिंदू धर्म ग्रहण कर लि‍या था जो संसद में बैठे मुल्‍लों को पसंद नहीं आया। इसलि‍ए जबरदस्‍ती उन्‍हें फांसी पर चढ़ा दि‍या गया।
प्रश्‍न- भगत सिंह के बारे में कोई और जानकारी?
उत्‍तर- मुल्‍लों ने उन्‍हें फांसी पर तो चढ़ा दि‍या था, पर हमने कि‍सी तरह से बचा लि‍या। वो बहुत दि‍न तक अयोध्‍या की मणि‍रामदास छावनी में रहे। अभी भी उनकी गुप्‍त समाधि वहीं पर है।